ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कन्या राशि (Virgo) वालों के लिए अप्रैल 2026 का महीना उन्नति, बौद्धिक विकास और कुछ अनपेक्षित चुनौतियों का मिश्रण लेकर आएगा। आपकी राशि का स्वामी बुध इस महीने अपनी स्थिति बदलेगा, जिससे आपके निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होगी।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मीन राशि (Pisces) वालों के लिए अप्रैल 2026 का महीना आत्म-चिंतन, बड़े निर्णयों और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में संतुलन साधने का समय रहेगा। आपकी राशि में राहु और सप्तम भाव में केतु की स्थिति पहले से ही जीवन में कुछ अनिश्चितता बनाए हुए है, लेकिन अप्रैल के ग्रह गोचर आपको नई दिशा देंगे।
तुला राशि वालों के लिए अप्रैल 2026 का महीना मिला-जुला और काफी गतिशील रहने वाला है। इस महीने ग्रहों की चाल आपके करियर और व्यक्तिगत जीवन में महत्वपूर्ण बदलावों के संकेत दे रही है। आर्थिक रूप से सामान्य से बेहतर रहेगा। निवेश लंबी अवधि के लिए करें और साझेदारी में सावधानी रखें। शत्रुओं पर विजय के योग हैं | मित्रों से सहयोग मिलेगा, लेकिन किसी पर अंधविश्वास न करें। दांपत्य जीवन मधुर रहेगा, पर प्रेम संबंधों में भ्रम से बचें। स्वास्थ्य में तनाव, पेट व ब्लड प्रेशर संबंधी सावधानी आवश्यक है।
वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च (March) 2026 से 27 मार्च (March) 2026 तक है | चैत्र नवरात्र पर घटस्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त है | पहला शुभ मुहूर्त 19 मार्च को सुबह 06:54 बजे से लेकर सुबह 07:42 बजे तक रहेगा, दुसरा शुभ मुहूर्त 12:05 बजे से लेकर दोपहर 12:53 बजे तक रहेगा |
महाशिवरात्रि का त्यौहार फाल्गुन के महीने में मनाया जाता है | महाशिवरात्रि तिथि का आरंभ 15 फरवरी को शाम 05:04 बजे शुरू होगा और इसका समापन 16 फरवरी को शाम 05:34 बजे होगा | इस वर्ष यह त्यौहार 15 फरवरी को मनाया जायेगा | महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और पार्वती की पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त 15 फरवरी (रविवार) को रात 11:56 PM बजे शुरू होगा और 16 फरवरी (सोमवार) सुबह 1: 00 AM बजे तक रहेगा |
दिनांक 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को बसंत पंचमी का पावन पर्व है। बसंत पंचमी माघ महीने के शुक्लपक्ष की पंचमी के दिन होती है | बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है | मां सरस्वती को विद्या की देवी कहते है | इस दिन कोई भी श्रेष्ठ काम करनें के लिये किसी शुभ मुहूर्त की जरूरत नहीं होती है | बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 16 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहने वाला है |
दिनांक 18 जनवरी 2026, रविवार को मौनी अमावस्या का पावन पर्व है। मौनी अमावस्या माघ महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन होती है | हिन्दु धर्म में मान्यता है की मौनी अमावस्या पर मौन रहकर पवित्र नदी या जलकुंड में स्नान और दान करने का विशेष महत्व है | ऐसी मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर दान और स्नान करने से इंसान के सारे पाप मिट जाते हैं और उसे मन चाहिये फल की प्राप्ति होती है | स्नान का शुभ समय सुबह 05:27 से 6:21 तक है |
दिनांक 14 जनवरी 2026, बुधवार को मकर संक्रांति का पावन पर्व है। आज सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे स्नान, दान, सूर्य को अर्घ्य तथा तिल-गुड़ के दान का विशेष महत्व है। सूर्योदय प्रातः 7:12 और सूर्यास्त सायं 5:48 बजे होगा। माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि रात्रि 5:53 तक रहेगी। पुष्य नक्षत्र और सिद्ध योग शुभ फलदायी हैं। अमृत, शुभ, चर और लाभ चौघड़िया में कार्य आरंभ किए जा सकते हैं। राहुकाल, यमगंड व गुलिक काल से बचें। आज उत्तर दिशा में दिशा शूल है।
मूलांक 1 उन जातकों का होता है जिन का जन्म महीने की 1,10,19,28 तारीक को होता है |
मूलांक 2 उन जातकों का होता है जिन का जन्म महीने की 2,11,20,29 तारीक को होता है |
मूलांक 3 उन जातकों का होता है जिन का जन्म महीने की 3, 12, 21, 30 तारीक को होता है |