Aaj Ka Panchang 31 August 2026 : आज का पंचांग 31 अगस्त 2026, वार-सोमवार,, तिथि- तृतीया तिथि है | और सिद्ध योग, शुभ काल, राहुकाल, दिशा शूल, शुभ चौघड़िया, व्रत की पूरी जानकारी पढ़ें |
Aaj Ka Panchang 30 August 2026 : आज का पंचांग 30 अगस्त 2026, वार-रविवार, तिथि- द्वितीया तिथि है | और सिद्ध योग, शुभ काल, राहुकाल, दिशा शूल, शुभ चौघड़िया, व्रत की पूरी जानकारी पढ़ें |
Aaj Ka Panchang 29 August 2026 : आज का पंचांग 29 अगस्त 2026, वार-शनिवार, तिथि- प्रतिपदा तिथि है | और सिद्ध योग, शुभ काल, राहुकाल, दिशा शूल, शुभ चौघड़िया, व्रत की पूरी जानकारी पढ़ें |
मूलांक 1 उन जातकों का होता है जिन का जन्म महीने की 1,10,19,28 तारीक को होता है |
मूलांक 2 उन जातकों का होता है जिन का जन्म महीने की 2,11,20,29 तारीक को होता है |
मूलांक 3 उन जातकों का होता है जिन का जन्म महीने की 3, 12, 21, 30 तारीक को होता है |
Aaj Ka Panchang 28 August 2026 : आज का पंचांग 28 अगस्त 2026, वार-गुरुवार,, तिथि- चतुर्दशी तिथि 09:09 AM तक उपरांत पूर्णिमा | और सिद्ध योग, शुभ काल, राहुकाल, दिशा शूल, शुभ चौघड़िया, व्रत की पूरी जानकारी पढ़ें |
राशि स्वामी शनि देव द्वितीय भाव मीन राशि में विराजमान रहकर साढ़े साती के अंतिम चरण का प्रभाव देंगे। देवगुरु बृहस्पति छठे भाव में उच्च के होकर गोचर करेंगे, जो महीने के अंत में सातवें भाव में प्रवेश करेंगे। प्रथम भाव में राहु और सप्तम भाव में केतु की उपस्थिति मानसिक भ्रम और साझेदारी में सतर्कता का संकेत देती है। सूर्य और मंगल का गोचर आपके साहस, पराक्रम और कर्म भाव को प्रभावित करेगा, जिससे जीवन के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में बदलाव देखने को मिलेगा।
सितंबर 2026 कुंभ राशि (Aquarius) के जातकों के लिए धैर्य, अनुशासन और वित्तीय योजना का महीना रहेगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आपकी राशि पर शनि की उतरती साढ़ेसाती (दूसरे भाव में शनि) का प्रभाव है, जो आपसे ईमानदारी और निरंतर प्रयास की मांग करता है। इस महीने विभिन्न ग्रहों के गोचर आपके करियर, वित्त और व्यक्तिगत जीवन में महत्वपूर्ण मोड़ लेकर आएंगे।
वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च (March) 2026 से 27 मार्च (March) 2026 तक है | चैत्र नवरात्र पर घटस्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त है | पहला शुभ मुहूर्त 19 मार्च को सुबह 06:54 बजे से लेकर सुबह 07:42 बजे तक रहेगा, दुसरा शुभ मुहूर्त 12:05 बजे से लेकर दोपहर 12:53 बजे तक रहेगा |
महाशिवरात्रि का त्यौहार फाल्गुन के महीने में मनाया जाता है | महाशिवरात्रि तिथि का आरंभ 15 फरवरी को शाम 05:04 बजे शुरू होगा और इसका समापन 16 फरवरी को शाम 05:34 बजे होगा | इस वर्ष यह त्यौहार 15 फरवरी को मनाया जायेगा | महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और पार्वती की पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त 15 फरवरी (रविवार) को रात 11:56 PM बजे शुरू होगा और 16 फरवरी (सोमवार) सुबह 1: 00 AM बजे तक रहेगा |
दिनांक 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को बसंत पंचमी का पावन पर्व है। बसंत पंचमी माघ महीने के शुक्लपक्ष की पंचमी के दिन होती है | बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है | मां सरस्वती को विद्या की देवी कहते है | इस दिन कोई भी श्रेष्ठ काम करनें के लिये किसी शुभ मुहूर्त की जरूरत नहीं होती है | बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 16 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहने वाला है |
दिनांक 14 जनवरी 2026, बुधवार को मकर संक्रांति का पावन पर्व है। आज सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे स्नान, दान, सूर्य को अर्घ्य तथा तिल-गुड़ के दान का विशेष महत्व है। सूर्योदय प्रातः 7:12 और सूर्यास्त सायं 5:48 बजे होगा। माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि रात्रि 5:53 तक रहेगी। पुष्य नक्षत्र और सिद्ध योग शुभ फलदायी हैं। अमृत, शुभ, चर और लाभ चौघड़िया में कार्य आरंभ किए जा सकते हैं। राहुकाल, यमगंड व गुलिक काल से बचें। आज उत्तर दिशा में दिशा शूल है।
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